Thursday, December 31, 2015

गहन अनुभूतियों की छाप


चित्रांश जी के नवगीतों को पढ़कर ऐसा नहीं प्रतीत होता है कि किसी नवोदित कवि की रचनाएँ हैं। उनके नवगीतों में गहन अनुभूतियों की छाप स्पष्ट दृष्टिगोचर है ,विषय विविधता के साथ भाषा,शिल्प व कथ्य में भी नवता  है।निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि इस वय में इतने पुष्ट नवगीतों का सृजन चित्रांश वाघमारे की विशिष्ट प्रतिभा का द्योतक है।भविष्य में आशा है प्रतिभा में और भी निखार आयेगा । वाघमारे को अच्छे सृजन के लिए हार्दिक बधाई तथा ऐसे सशक्त युवा नवगीतकार की रचनाएँ प्रस्तुत करने के लिए भाई दाहिया जी को धन्यवाद।
-विनय भदौरिया

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