Wednesday, December 30, 2015

चित्रांश की रचनाये

प्रिय चित्रांश वाघमारे के आठ नवगीत आज समूह पटल पर समीक्षार्थ प्रस्तुत कर श्री दाहिया जी ने संभावनाओं के द्वार पर दस्तक देती ऐसी गीत प्रतिभा को प्रोजेक्ट किया जिसने मात्र बारह वर्ष की उम्र में ही अपनी काव्य प्रतिभा से भोपाल के साहित्यकारों को चौंका दिया था। देखते ही देखते वह भोपाल के गीतकारों का चहेता बन गया और उनमें से कुछ वरिष्ठों का मार्गदर्शन पाकर नवगीत परिदृश्य में अपना प्रमुख स्थान बनाता चला गया। आज देश के मूर्धन्य गीत-नवगीतकारों ने उसके गीतों पर समीक्षात्मक टिप्पणी करते हुए उसकी सराहना की तो मुझे भी हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। भोपाल के छंदधर्मी रचनाकार प्रतिमाह किसी रचनाधर्मी के घर गोष्ठी करते हैं जिसमें हर रचना पर चर्चा होती है और रचनाकार को अपनी रचना के परिमार्जन का मौका मिलता है। हर गोष्ठी में चित्रांश की भी भागीदारी रहती है। आज बहुत सार्थक सुझाव सदस्यों ने दिये हैं जिनका अनुसरण करने से निश्चित ही चित्रांश की रचनाये परिष्कृत होंगी। सभी समीक्षा करने वाले सज्जनों  का आभार।
-डा० राम वल्लभ आचार्य

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